‪‪Padmavat‬, ‪Alauddin Khalji‬, ‪Malik Kafur‬, ‪Chittorgarh‬, ‪Rani Padmini‬‬ Jan 26, 2018 - Now

‪‪Padmavat‬, ‪Alauddin Khalji‬, ‪Malik Kafur‬, ‪Chittorgarh‬, ‪Rani Padmini‬‬ Jan 26, 2018 - Now


Padmavati real history:

अलाउद्दीन खिलजी का जन्म सन 1250 में बंगाल के बीरभूम जिले में हुआ था। अल्लाउद्दीन का वास्तविक नाम अली गुरशास्प भी बताया जाता है। खिलजी  बेहद शक्तिशाली शासक था, वो एक बार  जो ठान लेता था उसे किसी भी कीमत पर करके ही मानता है। उसे हार मंजूर नहीं थी। वो हमेशा अपना साम्राज्य विस्तार करने में विश्वास रखता था। आपको जान कर हैरानी होगी कि खिलजी ने जितने बड़े साम्राज्य का शासन किया, वो कोई भी शासक अगले 300 साल तक नहीं कर पाया।






खूंखार खिलजी ने 1296 से 1316 तक दिल्ली की सत्ता पर राज किया, इस दौरान उसने  ताबड़तोड़ हमले किए और लगभग पूरे भारतवर्ष पर कब्जा कर लिया। खिलजी के साम्राज्यवाद की शुरुआत गुजरात से शुरू हुई । अलाउद्दीन खिलजी को उसकी महत्वकांक्षा के लिए सिकंदर-ए-शाही के नाम से भी जाना जाता था।

उसने  चित्तौड़ पर आक्रमण किया और महाराजा रतन सिंह को हराया।  इस आक्रमण के बाद सुलतान ने 30,000 राजपूतों का क़त्ल करवा दिया था। हालाँकि इस पूरे हमले की वजह रानी पद्मिनी की सुन्दरता भी बताई जाती है जिसपर खिलजी मोहित होगया था।  (मलिक मुहम्मद जायसी की रचना पद्मावत में इसका जिक्र तो है लेकिन रानी पद्मावती के अस्तित्व पर इतिहासकारों की राय काफी अलग थलग है।)

सन 1298 में खिलजी ने  गुजरात फतह करने की सोची और राजा कर्ण सिंह को पराजित कर उनकी पत्नी कमला देवी से जबरन शादी कर ली|
ये किसी मुसलमान बादशाह से हिंदू रानी/राजकुमारी की पहली शादी थी.  इसके साथ ही खिलजी की नज़र एक खूबसूरत जवान लड़के मलिक मानिक पर पड़ी. खिलजी ने उस गुलाम को लाने वाले को हज़ार दीनार दिए और मानिक को बंध्या बनवाकर अपने पास रख लिया. इसके बाद के इतिहास में मलिक मानिक को मलिक काफूर के नाम से जाना जाता है.

जनवरी 1316 को अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु हो गयी जिसके बाद मलिक काफूर ने उसके बेटे शिहाबुद्दीन खान को सुलतान घोषित किया हालाँकि इसके कुछ ही दिनों के बाद बड़े बेटे मुबारक खान ने सत्ता हथिया ली तथा काफूर की हत्या कर दी गयी।


मलिक काफूर ने अलाउद्दीन खिलजी के जनरल के तौर पर तमिलनाडु तक जीत दर्ज की. काफूर इतनी बड़ी जीत दर्ज करने वाला पहला सेनानायक है. काफूर ने ही वारंगल के अभियान में कोहिनूर हीरा लूटा. हिंदुस्तान के इतिहास में कोहिनूर का ज़िक्र यहीं से शुरू होता है. काफूर ने अमरोहा की लड़ाई में अजेय माने जानेवाले मंगोलों को हराया.

फिल्म में ऐसे कई सीन हैं जब मलिक काफूर और अलाउद्दीन के बीच के प्यार को दिखाने की कोशि‍श की गई है. फिल्म में एक सिक्वेंस है जहां मलिक काफूर अलाउद्दीन से मलिका-ए-हिंद बनाने के लिए कहता है और अलाउद्दीन उसे नजरअंदाज कर जाता है. यही नहीं जब अलाउद्दीन खिलजी पद्मावती के आने का जश्न मनाने में घायल हो जाता है तो मलिक उसकी बहुत अच्छे से देखभाल करता है. यही नहीं जब खिलजी अपनी बीवी मेहरून्निसां के साथ अंतरंग पलों में होता है तो मलिक काफूर छिप-छिपकर उसे देखता है.

 ऐसा कितनी ही बार होता है जब मलिक की आंखों में अलाउद्दीन के लिए इश्क देखा गया. पद्मावती की एक झलक देखने के लिए जब अलाउद्दीन चितौड़ पर चढ़ाई कर देता है तो टेंट में खिलजी का तनाव कम करने के लिए काफिर उनके लिए गाना गाता है और यही नहीं खिलजी को नहलाता भी है. लेकिन पद्मावती के लिए अलाउद्दीन का इतना प्यार देखकर उसे जलन भी होती है.


Comments