अभिनेत्री मीनाक्षी थापा मर्डर केस में दो आरोपी दोषी करार, 6 साल बाद परिवार को मिला इंसाफ May 10, 2018 - Now


6 साल पहले नेपाली मूल की ऐक्ट्रेस मीनाक्षी थापा की हत्या के मामले में बुधवार को मुंबई की सेशन कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है।  बॉलीवुड की उभरती अदाकारा मीनाक्षी थापा की हत्या के मामले में एक सत्र अदालत ने दो लोगों को दोषी करार दिया। अभिनेत्री की हत्या 2012 में हुई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस जी शेट्टी ने अमित जायसवाल (36) और उसकी प्रेमिका प्रीति सुरीन (26) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 364- ए (अपहरण एवं फिरौती ) मामले में दोषी पाया।

बुधवार को मुंबई में इस मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने मीनाक्षी की हत्या के मामले में जज से समक्ष अपनी दलीलें पेश की। मामले की सुनवाई के दौरान निकम ने कहा कि अमित और प्रीति 13 मार्च 2012 को मीनाक्षी को भोजपुरी फिल्मों में काम दिलाने के बहाने उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद लेकर गए थे। इस दौरान उन्होंने पहले उससे फिरौती की मांग की और फिर उसकी हत्या कर दी। मीनाक्षी की हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने उसके सिर को काटकर इलाहाबाद-लखनऊ राजमार्ग पर चलती बस से फेंक दिया था, जबकि धड़ को इलाहाबाद के एक टैंक में फेंककर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी। इस वारदात के बाद दोनों आरोपी 14 मार्च 2012 को लखनऊ से गिरफ्तार किये गए थे। 



मीनाक्षी की मां से मांगी गई थी फिरौती 
इस मामले में दिये अपने बयान मीनाक्षी की मां कमला ने कहा कि उनकी बेटी ने 14 मार्च 2012 को उन्हें फोन करके अपने इलाहाबाद पहुंचने की जानकारी दी थी। इस बातचीत के दौरान उन्होंने मां को यह भी बताया था कि वह इलाहाबाद में प्रीति के घर जा रही हैं और रात का खाना वहीं खाएंगी। इसके बाद 15 मार्च 2012 को उन्हें मीनाक्षी के मोबाइल फोन से एक मैसेज आया जिसमें उनसे 10 हजार रुपये की मांग की गई। इसके बाद मीनाक्षी की भाभी ने उन्हें मैसेज कर यह बताया कि घर के तमाम लोग उन्हें लेकर बहुत चिंतित हैं और जल्द ही उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। 


देहरादून और मुंबई में दर्ज किया गया था केस
इस मैसेज के तुरंत बाद अपहरणकर्ताओं ने मीनाक्षी की मां से उनके खाते में 15 लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा, जिससे घबराए परिवार के लोगों ने 20 मार्च 2012 को देहरादून पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में भी इस संबंध में एक केस दर्ज किया गया, जिसके बाद दोनों आरोपियों को 14 अप्रैल 2012 को गिरफ्तार किया गया। निकम की इन दलीलों, पूर्व में पेश किये गए सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने प्रीति को अपहरण, फिरौती और हत्या के मामलों में दोषी करार देते हुए गुरुवार को इस मामले में अपना फैसला देने की बात कही। 

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